वृक्षो मे जीव वाले वृक्ष को सुषुप्ति मे मानते है ओर उससे भोजन बनाना ,संतान पेदा करना भी मानते है।
यहा पुछना चाहता हू क्या आप लोग यह मानते हो कि कोई बेहोशी मे भोजन बना सकता है ओर संतान भी पैदा कर सकता है? ऐसा दृष्टान्त दे जिसमे बेहोश ने संतान पैदा ओर खाना बनाया हो।
आप लोग कहोगे कि बेहोशी मे यह कार्य नही हो सकते है तो फिर आप लोग सुषुप्ति मे वृक्ष मानकर उससे इन सब कार्यो का उपाय कराकर व्याघात दोष क्यु उत्पन्न कर रहे हो?
यहा पुछना चाहता हू क्या आप लोग यह मानते हो कि कोई बेहोशी मे भोजन बना सकता है ओर संतान भी पैदा कर सकता है? ऐसा दृष्टान्त दे जिसमे बेहोश ने संतान पैदा ओर खाना बनाया हो।
आप लोग कहोगे कि बेहोशी मे यह कार्य नही हो सकते है तो फिर आप लोग सुषुप्ति मे वृक्ष मानकर उससे इन सब कार्यो का उपाय कराकर व्याघात दोष क्यु उत्पन्न कर रहे हो?
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